बरेली, अगस्त 23 -- एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने न्यायिक वादों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में विश्वविद्यालय से संबंधित नए न्यायिक वादों में आवश्यक निर्देश एवं आख्या 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि आख्या या निर्देश लंबित रहने के कारण यदि न्यायालय की ओर से 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया जाता है तो संबंधित अधिकारी या कार्मिक इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा। सभी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, प्राचार्यों एवं प्रभारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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