न्याय, प्रेम और समानता की स्थापना ही रामराज: राजन महाराज
गोंडा, मई 12 -- रुपईडीह, संवाददाता। कौड़िया के सम्मय माता मंदिर पैडीबरा में चल रही श्रीराम कथा और भंडारा मंगलवार को संपन्न हुआ। इसमें हजारों लोगों ने पूजा अर्चना करते हुए कथा श्रवण कर प्रसाद ग्रहण किया। नौ दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथा व्यास राजन महाराज ने प्रवचन में कहा कि विश्वास ही भगवान है। भगवान श्रद्धा व विश्वास के त्रिमूर्ति हैं। भगवान श्री राम का जीवन मानवता, मर्यादा ,त्याग और धर्म का सर्वोच्च आदर्श है। भगवान ने केवल रावण का वध नहीं बल्कि अहंकार, अन्याय व अधर्म का नाश किया जो विजय का प्रतीक है। समाज में न्याय , प्रेम और समानता स्थापित हो उसे रामराज कहते हैं। उन्होंने प्रभु राम के लंका पर विजय प्राप्त करने, राज्याभिषेक समेत कई मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। नवें दिन मुख्य यजमान चित्रकूट के महंत आलोक दास, पूर्व मंत्री योगेश प...
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