नौ साल से खामोश था बचपन, दून के डॉक्टरों ने लौटाई मुस्कान
देहरादून, सितम्बर 26 -- यूपी के सहारनपुर जिले के रहने वाले एक नौ वर्षीय बच्चे को देहरादून के डॉक्टरों की एक टीम ने नई जिंदगी दी है। यह बच्चा जन्म से ही अपना मुंह खोलने में असमर्थ था और इसके चारों हाथ-पैर भी पूरी तरह से विकसित नहीं थे। इसे चिकित्सा विज्ञान में 'ओरोमैंडिबुलर लिंब हाइपोजेनेसिस सिंड्रोम' (ओएलएचएस) टाइप 3 थ्रीए कहा जाता है, जो एक बेहद दुर्लभ जन्मजात विकृति है। यह अनोखा और चुनौतीपूर्ण मामला हाल ही में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल 'फ्रंटियर्स इन डेंटल मेडिसिन' में एक रिसर्च पेपर के तौर पर प्रकाशित हुआ है। इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने और शोध पत्र तैयार करने वाली टीम में मुख्य रूप से देहरादून के डॉक्टर शामिल रहे। इस टीम में दून के ईएनटी सर्जन डॉ. सुमित चोपड़ा मुख्य रूप से शामिल रहे, उन्होंने बच्चे की सर्जरी की।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.