पूर्णिया, अप्रैल 28 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।साल 2017 की विनाशकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ जलालगढ़ प्रखंड का दादरघाट पुल आज भी क्षेत्रवासियों के लिए अधूरा सपना बना हुआ है। नौ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी पुल निर्माण पूरा नहीं हो सका है, जिससे हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल प्रखंड मुख्यालय को पूरब के 50 से अधिक गांवों से जोड़ने के साथ अररिया और किशनगंज जाने का प्रमुख मार्ग था। पुल टूटने के बाद लोगों को करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। मजदूर, किसान, छात्र-छात्राएं, सब्जी विक्रेता और छोटे कारोबारी सबसे अधिक प्रभावित हैं। यह भी पढ़ें- एक दर्जन से अधिक हाई लेवल पुल की है दरकार जहां पहले कुछ मिनटों में बाजार या मुख्यालय पहुंचना संभव था अब घंटों का सफर तय करना मजबूरी बन गया है। बरसात...