लखनऊ, जून 16 -- लखनऊ,संवाददाता। परिवहन विभाग में भर्तियों के नाम पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली कंपनियों पर लाखों रुपये की रिश्वत लेने और कुछ ही महीनों में कर्मचारियों को बिना कारण नौकरी से हटाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित कर्मचारी अब ट्रांसपोर्ट कमिश्नर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में नौकरी से हटाए गए पीड़ित ट्रांसपोर्ट कमिश्नर आशुतोष निरंजन से मिलने पहुंचे। कमिश्नर ने उन्हें आरटीओ आईटी सेल के अजय यादव के पास भेजा। पीड़ितों ने कंपनी द्वारा शोषण और बगैर कारण हटाने की शिकायत दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने डीएल बनाने की मोनोपोली खत्म करने के लिए तीन कंपनियों सिल्वर टच, फो कॉम नेट और रोजमार्टा को ठेका दिया था। यह भी पढ़ें- रिश्वत लेने की आरोपी को नौकरी देने के मामले में तीन दिन बाद भी ज...