नौकरी छोड़ बेटा-बेटी को पढ़ाया,दोनों बनेंगे डॉक्टर
बगहा, जुलाई 17 -- पटना। हर मां अपने बच्चों के लिए त्याग करती है, लेकिन कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो पूरे परिवार की तकदीर बदल देते हैं। पूर्णिया की रहने वाली अंजू कुमारी ने भी ऐसा ही निर्णय लिया। शिक्षक बनने का सपना साकार होने ही वाला था। नौकरी मिल गई थी, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। यह भी पढ़ें- त्याग, तपस्या और मेहनत का मिला इनाम, NEET UG 2026 में भाई-बहन ने एक साथ लहराया सफलता का परचममाँ का त्याग उन्होंने अपने कॅरियर से पहले बच्चों का भविष्य चुना और बेटा-बेटी को लेकर कोटा चली गईं, ताकि वे पूरी एकाग्रता के साथ नीट की तैयारी कर सकें। मां के इस त्याग का बच्चों ने भी सम्मान किया और दोनों ने एक साथ नीट में सफलता हासिल कर परिवार का सपना साकार कर दिया। अंजू कुमारी के इस फैसले में उनके पति चंदन कुमार ने भी पूरा साथ दिया। पूर्णिया के रहने वाले ...
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