प्रयागराज, अक्टूबर 8 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बागपत की फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी को दिए गए पांच हजार रुपये प्रतिमाह के भरण-पोषण के आदेश को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद ने मनोज कुमार राना की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए दिया है। पत्नी नौकरी कर रही थी और यह तथ्य छिपाकर भरण-पोषण मांगा था। मनोज कुमार राना का विवाह 15 मार्च 2021 को प्रीति (प्रीति पुंडीर) से हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। प्रीति ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत 20 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग की थी। बागपत की फैमिली कोर्ट ने पांच हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका की थी। पति का कहना था कि पत्नी नोएडा की निम्बस एडकॉम प्राइवेट लिमिटेड में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत है और करीब 40 हजार...