आगरा, अप्रैल 30 -- नौकरी के नाम पर सात लाख की ठगी में आरोपित ऋषभ निवासी छत्ता को राहत मिल गई है। अदालत ने आरोपित द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकृत करने के आदेश दिए। वादी शशिकांत चौरसिया ने 27 अक्तूबर 25 को थाना सदर में रिपोर्ट दर्ज करा आरोप था कि उसकी कई सालों से सदर निवासी व्यक्ति से जान पहचान थी। उसने अपनी पत्नी को अधिकारी बताया था। पुराने संबंधों के कारण वादी ने अपने भतीजे की नौकरी के लिए सात लाख रुपये दिए। नौकरी नहीं लगने पर वापस मांगने पर उन्होंने उक्त रुपये आरोपित को देना बताया था। आरोपित की ओर से अधिवक्ता नीरज पाठक ने तर्क दिए कि घटना की रिपोर्ट छह माह देरी से दर्ज कराई गई है। यह भी पढ़ें- कोर्ट की खबरें- उसने वादी से कोई पैसा प्राप्त हनीं किया है।
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