कुशीनगर, दिसम्बर 26 -- कुशीनगर। जिले के स्वास्थ्य महकमे की सक्रियता केवल मरीजों की मौत या अन्य बड़ी घटनाओं के समय ही दिखती है। बाद में तत्परता सुस्ती में बदल जाती है। ऐसा ही देखने को मिला सोमवार को, जब शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत हो गई। आनन फानन में दो अस्पताल सील किए गए। विभाग ने दोषियों पर मुकदमा कराने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस मामले में तहरीर तक नहीं दी गई। विभाग के नोडल और एमओआईसी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालकर किनारे हो लिए हैं। बीते सोमवार को पडरौना शहर के खिरिया टोला स्थित हिंद हॉस्पिटल में मदरहवा के निवासी अनिल कुशवाहा की करीब 26 वर्षीय पत्नी पूजा कुशवाहा का ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। उसने एक बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन लगभग पांच घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें बिना बताए आनन फानन में...
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