नोएडा, मार्च 20 -- नोएडा के एक एसएचओ और एक सब इंस्पेक्टर को रेप के मामले में महत्वपूर्ण आरोपों को नहीं जोड़ने पर सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों पर यह कार्रवाई तब की गई जब यह पाया गया कि 17 मार्च को फेज-3 थाने में दर्ज एफआईआर में कुछ महत्वपूर्ण धाराएं शामिल नहीं थीं। रेप के एक मामले में उत्तर प्रदेश के गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों को लागू न करने के आरोप में एक एसएचओ और एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कार्रवाई तब की गई जब यह पाया गया कि 17 मार्च को फेज-3 थाने में दर्ज एफआईआर में कुछ महत्वपूर्ण धाराएं शामिल नहीं थीं। पुलिस के अनुसार, शुरू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 (धोखाधड़ी से यौन संबंध बनाना)...
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