नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिक आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की साजिश को योगी सरकार ने कुछ ही घंटों में सख्ती और सूझबूझ के साथ नाकाम कर दिया। एसटीएफ और पुलिस की जांच में यह मामला श्रमिक असंतोष का नहीं, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें कुछ संदिग्ध राजनीतिक विचारधारा के दलों की भूमिका सामने आई है। उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक, जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुल 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग ऐसे हैं, जो वास्तविक श्रमिक नहीं थे। आगजनी की घटना में चिन्हित 17 में से 11 को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 8 गैर-श्रमिक हैं। वहीं भड़काने के आरोप में 32 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 19 को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 34 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है, जो श्रमिक नहीं होते हुए भी कथित आंदोलन में शामिल होक...
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