नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता यमुना की स्वच्छता की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत दिल्ली में पांच बड़े नालों की सफाई के लिए आईआईटी रोपड़ और आईआईटी बीएचयू को कार्य सौंपा गया है। वह नैनो तकनीक का इस्तेमाल कर नाले को वहीं पर शोधित करेंगे। इस जल शोधन के बाद पानी की जांच होगी और उसके शोधित होने की पुष्टि होने पर ही उन्हें इस कार्य के लिए कीमत चुकाई जाएगी। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि इससे नाले में ही पानी शोधित हो जाएगा और यमुना को गंदा नहीं करेगा। जानकारी के अनुसार दिल्ली में यमुना के गंदे होने के प्रमुख कारणों में नालों से गिरने वाला पानी बड़ी भूमिका निभाता है। यह भी पढ़ें- जैविक कचरे को निस्तारित कर बायो गैस बनेगी इसे ध्यान में रखते हुए जल बोर्ड द्वारा लगातार नालों की सफाई एवं नालों ...