नैनीताल, अप्रैल 16 -- नैनीताल, संवाददाता। नैनी झील के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने और लुप्तप्राय शीतजल मछली प्रजातियों के संरक्षण के उद्देश्य से कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित जंतु विज्ञान विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस परियोजना के तहत झील में स्नो ट्राउट (असेला) प्रजाति के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य प्रारंभ किया गया है।इसी क्रम में गुरुवार को नैनीताल झील में एक फिश केज स्थापित किया गया, जिसमें स्नो ट्राउट के फिंगरलिंग (शिशु मछलियां) को उनके विकास के लिए छोड़ा गया। इन मछलियों का प्रजनन डीएसबी परिसर के जंतु विज्ञान विभाग की प्रयोगशाला में किया गया है। कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने बताया कि लगभग 20 वर्ष पहले नैनीताल झील की स्थानीय मछली प्रजातियां लुप्तप्राय हो चुकी थीं, जिसे विश्वविद्यालय ने एक चुनौती के र...
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