मेरठ, मार्च 31 -- कपसाड़ स्थित अस्थायी गो-आश्रय स्थल में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और चारे की व्यवस्था को लेकर प्रभावी पहल की गई है। यहां वर्तमान में 186 गोवंश संरक्षित हैं, जिनके लिए बेहतर खान-पान और नियमित चिकित्सा व्यवस्था की जा रही है। चारे के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए परिसर से सटी कृषि भूमि के 10 से 12 बीघा क्षेत्र में नेपियर घास उगाई गई है। इस घास से प्रतिदिन करीब 8 से 10 क्विंटल हरा चारा गोवंशों को उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पवित्रजीत सिंह ने गोआश्रय स्थल का निरीक्षण कर अधिक से अधिक भूमि पर नेपियर घास का विस्तार करने के निर्देश दिए। वहीं, सकौती के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शरद शर्मा के नेतृत्व में गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक उपचार किया गया।
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