आरा, जुलाई 5 -- शाहपुर। नेपाल से पैदल बिलौटी के भरत भूषण तिवारी के घर पहुंचे युवक नीतीश यादव ने परिजनों की सांत्वाना दी। कहा कि पैदल आने में मुझे कोई कठिनाई नहीं हुई। यहां पहुंचते ही महसूस हुआ कि भरत भूषण तिवारी हमे राह दिखाने के लिए आगे खड़े हैं। मां आशा देवी के फफक कर रोने पर कहा कि जैसे मेरी मां तड़प कर रो रही है, उसी तरह भरत तिवारी के हत्यारे तड़प-तड़प कर रायेंगे। युवक की भावुकता देख मां की आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

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