किशनगंज, अप्रैल 7 -- ठाकुरगंज। निज संवाददाता पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री द्वारा निजी विद्यालयों को लेकर की गई घोषणा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस निर्णय को लेकर नेपाल के एक वर्ग में जहां संतोष और उम्मीद का माहौल है, वहीं सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों के अभिभावकों के बीच भी नई संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है। सीमावर्ती ठाकुरगंज और आसपास के इलाकों से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नेपाल के निजी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने जाते रहे हैं। ऐसे में इस घोषणा के बाद अभिभावकों के सामने बच्चों की शिक्षा को लेकर नई दिशा तय करने की चुनौती के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक विकल्प विकसित होने की उम्मीद भी जगी है। स्थानीय अभिभावकों का मानना है कि यदि इस निर्णय के बाद सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था स...