नेपाल में तबाही से 5 महीने पहले आई थी रिपोर्ट, चेतावनी को क्यों किया गया नजरअंदाज
नई दिल्ली, अगस्त 28 -- नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। लेकिन इस आपदा से करीब 5 महीने पहले ही वैज्ञानिकों ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते ग्लेशियर और ग्लेशियल झीलों के खतरे को लेकर गंभीर चेतावनी जारी कर दी थी। मार्च 2026 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) ने हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियरों की स्थिति पर आकलन जारी किया था। रिपोर्ट में बताया गया कि 2000 के बाद ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार दोगुनी हो गई है। वैज्ञानिकों ने चेताया कि तेजी से पिघलती बर्फ, अस्थिर पहाड़ी ढलान और बढ़ती ग्लेशियल झीलें आने वाले समय में अचानक और बेहद विनाशकारी बाढ़ का खतरा बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा आपदा ने इन चेतावनियों की गंभीरता को सामने ला दिया है। ग्लेशियल झीलों के पीछे जमा पानी अगर प्...
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