पूर्णिया, अप्रैल 26 -- पूर्णिया, धीरज। सहरद पार से होने वाली घुसपैठ पर रोक और सीमाई इलाकों में सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय गंभीर है। इसके तहत भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। नेपाल सीमा पर सीमांकन के लिए स्थापित सीमा स्तंभों (पिलर) के सर्वेक्षण के साथ क्षतिग्रस्त या गायब हुए पिलर के स्थान पर नये पिलर लगाने का काम चल रहा है। इसको लेकर ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। सीमांचल से कोसी तक 231 किलोमीटर भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा है। सहरद पर सैकड़ों की संख्या में सीमांकन को लेकर पिलर लगे हैं। अतिक्रमण हटाने के साथ सीमाई क्षेत्रों का विकास भी सरकार की प्राथमिकता में है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत 34 सीमाई गांवों में वॉच टावर लगने वाला है। वॉच टावर में सायरन भी लगा रहेगा, जरूरत पर यहां से एनाउंसम...
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