काठमांडू, अगस्त 27 -- नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ महज मौसम की मार नहीं थी। इसके पीछे हिमालय के गर्म होने, ग्लेशियरों के पिघलने और लगातार गतिशील टेक्टोनिक प्लेटों से जुड़े कई कारण हैं। यही वजह है कि नेपाल दुनिया के सबसे अधिक प्राकृतिक आपदा जोखिम वाले देशों में शामिल है। 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक पानी की विशाल लहर आई। इसने तिब्बत-चीन सीमा के पास बस्तियों को तबाह कर दिया और आगे चलकर त्रिशूली नदी में जा मिली। शाम तक नेपाल में 150 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 400 लोगों के लापता होने की खबर थी। आपदा प्रबंधन एजेंसियों के मुताबिक, 13 महीने के भीतर इसी 30 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी विनाशकारी बाढ़ थी।आखिर 26 अगस्त को हुआ क्या था? इस घटना को लेकर अब तक तीन संभावित व्याख्याएं...