नई दिल्ली, अगस्त 29 -- त्रिशूली, मर्स्यांगदी और नारायणी नदियों में आई भयंकर बाढ़ के बाद मध्य नेपाल में मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। पानी के प्रचंड बहाव में बहकर दर्जनों किलोमीटर दूर पहुंचे शवों की बरामदगी के बाद अब प्रशासन के सामने एक नया और बड़ा संकट खड़ा हो गया है- शवों की पहचान, उनका सुरक्षित रखरखाव और अंतिम संस्कार।अस्थायी शवगृहों में उमड़ रहे परिजन चितवन जिले के भरतपुर में बिजली कार्यालय रोड के पास एक अस्थायी बॉडी-मैनेजमेंट सेंटर बनाया गया है। यहां शुक्रवार सुबह से ही लापता लोगों के परिजन तस्वीरों और मोबाइल फोनों में तस्वीरें लिए अपनों की तलाश में भटक रहे हैं। यह भी पढ़ें- ग्लेशियर टूटा, 20 km तक बहा मलबे का सैलाब! नेपाल से चीन तक कैसे फैली तबाही? दांग के तुलसीपुर से अपने लापता बेटे की तलाश में आए दामोदर अधिकारी ने बताया कि अध...