नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे पड़ोसी देश नेपाल की मदद के लिए भारत ने एक बार फिर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल के हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां बिजली का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस संकट से उबारने के लिए भारत ने 31 दिसंबर 2026 तक नेपाल को रोजाना 18 घंटे 654 मेगावाट (MW) तक बिजली निर्यात करने की मंजूरी दे दी है। नेपाल के 'नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी' के मुताबिक, इस तबाही में अब तक 1,385 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5,130 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल और तिब्बत सीमा के पास बीते 26 अगस्त को हुए बर्फ की चट्टान खिसकने (Avalanche) के बाद आई इस तबाही ने दर्जनों गांवों और बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है।क्यों ठप...