पीलीभीत, अगस्त 12 -- पीलीभीत। धान और गन्ने के सीजन में अमूमन नेपाल के शुक्लाफांटा से पीटीआर में दाखिल होने वाले नेपाल के हाथियों का व्यवहार बदल गया है। अब वे चंद सीजन या महीने नहीं बल्कि पूरे साल हर धमाचौकड़ी करते हैं। यही वजह है कि अब जल्द ही स्टेट एलीफैंट एक्शन प्लान पर काम होगा। जिससे इनके गलियारे पर काम हो सके। 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस है। यूं तो हाथियों की संख्या अब तक पीटीआर में 2020 तक नहीं थी। पर 2021 में कर्नाटक से लाए गए हाथियों छोटा और बड़ा सूर्या के अलावा निसर्गा और मणिकांत अब पीटीआर के ही मेहमान हो गए हैं। अब इन चार हाथियों पर यहां हाथियों की वंशबेल बढ़ाने का दारोमदार हैं। इसके अलावा नेपाल के हाथियों को मूड चेंज होना भी पीटीआर के लिए मुफीद साबित हो रहा है। पहले केवल गन्ना सीजन या धान के सीजन में यहां नेपाल के हाथियों का आन...