महाराजगंज, सितम्बर 2 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। नेपाल के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में आई भीषण प्राकृतिक आपदा व जलप्रलय का असर अब केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव सीमावर्ती तराई के अर्थतंत्र तथा जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। यह भी पढ़ें- नेपाल की तबाही से ठप पड़ा सोनौली-नौतनवा का व्यापार, सन्नाटे में डूबे सीमावर्ती बाजारसड़क संपर्क का टूटना मुख्य सड़क संपर्क टूटने के कारण एक तरफ जहां नेपाल के पहाड़ों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत गहराने लगी है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन ठप होने से सीमावर्ती नेपाली परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। यह भी पढ़ें- नेपाल पर शांत नहीं पानी का गुस्सा, 1050 लाशों के बाद नया अलर्ट; फिर आएगी बाढ़?परिवहन मार्गों का प्रभाव बाढ़ व भूस्खलन के कारण नेपाल के प्रमुख परिवहन मार्...