नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- जल प्रलय झेल रहे नेपाल ने क्षतिपूर्ति की जो मांग रखी है, वह पहली नजर में ही बहुत स्वाभाविक और विचारणीय लगती है। इस आपदा के चलते चीन या तिब्बत में कितना नुकसान हुआ, यह बहुत स्पष्ट नहीं है, लेकिन नेपाल में अब तक 1,100 से ज्यादा लोगों की जान गई है और करीब 4,800 लोग अभी भी लापता हैं। जान के अलावा माल का जो नुकसान हुआ है, उसका सटीक आकलन आसान नहीं है। मोटे तौर पर एक अनुमान लगाया गया है कि इससे नेपाल को चार अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। समग्रता में नेपाल ने अपनी अर्थव्यवस्था का दसवां हिस्सा गंवा दिया है। क्या अब नेपाल को क्षतिपूर्ति के रूप में दुनिया के देशों से चार अरब डॉलर चाहिए? नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत, चीन और अमेरिका का बाकायदा नाम लिया है और इन देशों को सबसे बड़ा ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जक बताया ...