काठमांडू, अगस्त 27 -- नेपाल में बुधवार को अचानक आई जलप्रलय में किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। कई परियोजनाओं पर काम कर रहे मजदूर, बाजारों, घरों में मौजूद लोग, पर्यटकों ने मौत बनकर आई प्रलय से बचने की पूरी कोशिश की लेकिन बचने का मौका नहीं मिला। नेपाल में न तेज बारिश हुई न बादल फटा न ही मौसम विभाग ने कोई चेतावनी दी थी, लेकिन 20 से 25 मिनट के अंदर ही सबकुछ तबाह हो गया। आंकड़े बता रहे हैं कि इस आपदा में कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई है और 133 भारतीयों समेत करीब 400 लोग लापता है। ढाडिंग, नुवाकोट, त्रिशूली नदी, गोरखा स्याफ्रूबेसी और टिमुरे इलाकों में तबाही मची। गांवों में कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं पूरी तरह तबाह हो गईं। विदुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 1 के वार्ड अध्यक्ष लेनिन रंजित ने कहा कि रसुवा और नुवाकोट से होकर बहने वाली भोटेकोशी और त्...