नेपाल-उत्तराखंड से आने वाले संदिग्ध मरीजों की होगी निगरानी
बरेली, जुलाई 30 -- कालाजार के मरीजों की पहचान और इलाज विषय पर मंगलवार को पाथ संस्था की तरफ से कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोग के अपर निदेशक ने की। एडी हेल्थ के निर्देशन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, संभल और रामपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों को नेपाल और उत्तराखंड से आने वाले कालाजार के लक्षण वाले मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि कालाजार (विसेरल लीशमैनियासिस) लीशमैनिया डोनोवानी परजीवी से होने वाली गंभीर बीमारी है। यह संक्रमित सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) के काटने से फैलती है। लंबे समय तक बुखार रहना, तिल्ली और यकृत का बढ़ जाना, एनीमिया, तेजी से वजन घटना और त्वचा का रंग गहरा पड़ना इसके प्रमुख लक्षण हैं। बीमारी की पुष्टि क...
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