बहराइच, मई 17 -- रुपईडीहा। इंडो नेपाल बार्डर पर एक माह से नेपाल की सरकार ने 62.50 रुपये से अधिक के सामान पर कस्टम वसूलना शुरू किया था। आम नागरिकों का सामान छीन लिया जाता था। इस पर एडवोकेट अमितेश पंडित, आकाश महतो, सुयोग्य सिंह व प्रशांत विक्रम शाह ने इसके विरुद्ध एक रिट याचिका दायर की थी। इस पर काठमांडू सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वय हरिप्रसाद फुयाल व टेक बहादुर ढुंगान की संयुक्त पीठ ने बालेन्द्र सरकार के इस आदेश पर रोक लगा दी है। आदेश के तीन दिन बाद रुपईडीहा व जमुनहा बार्डर पर कोई असर नहीं है। नेपाली सुरक्षा कर्मी भारत नेपाल के बीच आने जाने वालों पर वही क्रूरता, निर्दयता बनाये हुए हैं। यह भी पढ़ें- नेपाली सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर जिससे भयवश भारत नेपाल के बीच आवागमन थम सा गया है। लोग अपने नाते रिश्तेदारों के यहां नहीं आ जा पा रहे ह...