महाराजगंज, मार्च 29 -- खनुआ। सीमावर्ती इलाकों में भारतीय शराब की अपेक्षा नेपाली शराब सस्ती होने के कारण इसकी खपत लगातार बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि नेपाली शराब की तस्करी अब संगठित रूप ले चुकी है। तस्कर पगडंडी रास्तों और चोर नाकों का सहारा लेकर बड़े पैमाने पर अवैध शराब भारतीय क्षेत्र में पहुंचा रहे हैं।हालांकि प्रशासन द्वारा समय-समय पर छापेमारी कर शराब जब्त की जाती है, लेकिन तस्करी का नेटवर्क इतना मजबूत है कि यह रुकने का नाम नहीं ले रहा। सोनौली कोतवाल महेंद्र मिश्रा ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब तस्करी को रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। संदिग्ध रास्तों और नाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है। तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट ...