नई दिल्ली, मार्च 28 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ दर्ज होने वाले भ्रष्टाचार के मामले सालों तक अदालत में लंबित नहीं रहेंगे। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए 'विशेष अदालत' का गठन किया जा रहा है, जो लोकपाल की सिफारिश पर नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी करके अपना फैसला सुनाएगी। दिल्ली उच्च न्यायालय की सहायता और परामर्श से जल्द ही देश की राजधानी में लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम के प्रावधानों के तहत विशेष अदालत के गठित की जाएगी।फिलहाल, लोकपाल की सिफारिश पर दर्ज और मंजूर किए गए मामलों की जांच सीबीआई द्वारा की जाती है, जबकि इन मामलों की सुनवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अधिसूचित विशेष अदालत/विशेष न्यायाधीश के समक्ष होती है। मुकदमों के बोझ से दबी इन अदालत में सालों तक मामले ल...
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