तेल अवीव, नवम्बर 6 -- इजरायल में सत्ता परिवर्तन की संभावना ने भारत समेत पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट नए प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो गए हैं। अगर आइजेनकोट सरकार बनाने में सफल रहते हैं तो भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल होगा कि क्या इजरायल के साथ उसके मजबूत रणनीतिक रिश्ते पहले की तरह बने रहेंगे या उनकी प्राथमिकताओं में कोई बदलाव आएगा? भारत और इजरायल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में रक्षा सहयोग से आगे बढ़कर तकनीक, कृषि, साइबर सुरक्षा, कारोबार और रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में इजरायल में प्रधानमंत्री का चेहरा बदलने से रिश्तों के स्वर और काम करने के तरीके पर असर पड़ सकता है, लेकिन दोनों देशों के दशकों पुरा...