कुशीनगर, जून 29 -- कुशीनगर। शासन की मंशा है कि मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज का पहले आभाकार्ड बनाया जाए और उसी के माध्यम से पंजीकरण कर उपचार की प्रक्रिया पूरी की जाए। इससे मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और भविष्य में किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों को मरीज के उपचार संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। लेकिन, कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में नई बिल्डिंग में पर्ची काउंटर स्थानांतरित होने के बाद मोबाइल नेटवर्क की समस्या इस व्यवस्था में बड़ी बाधा बन गई है। पर्ची काउंटर पर मौजूद कर्मियों द्वारा काफी मशक्कत के बाद महज 30 फीसदी ही मरीजों का आभा कार्ड बन पा रहा है। यह भी पढ़ें- Aarogya Setu 2.0: अब घर बैठे बुक होगी अस्पताल की OPD पर्ची, मिनटों में मिलेगा हेल्थ रिकॉर्ड, इंश्योरें...