नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- आज के इस तेज-तर्रार दौर में जहां हमें हर चीज बस पलक झपकते ही चाहिए, धैर्य जैसी चीज मानो हमारी डिक्शनरी से ही गायब हो गई है। 10 मिनट में पिज्जा डिलीवरी से लेकर मैसेज के तुरंत रिप्लाई की उम्मीद तक, हम सब फौरी खुशी के गुलाम बन चुके हैं। लेकिन क्या आपने कभी फुरसत में बैठकर सोचा है कि पल भर का यह सुकून हमारे सुनहरे भविष्य की कितनी बड़ी कीमत वसूल रहा है? जाने-माने आंत्रप्रेन्योर, मशहूर लेखक और युवाओं के चहेते कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने हाल ही में लिंक्डइन पर एक ऐसी ही पोस्ट लिखी है, जिसने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने बड़े ही आसान और चुभते हुए लफ्जों में हमारी इस पुरानी आदत की बखिया उधेड़ी है और बताया है कि कैसे चंद पलों के मजे के चक्कर में हम अपनी पूरी जिंदगी के साथ समझौता कर रहे हैं। वारिकू अपनी पोस्ट ...