अंबेडकर नगर, मार्च 11 -- सैदापुर, संवाददाता। रमजान का पाक महीना नेकियों और इबादत का महीना है, जिसमें इंसान अपने गुनाहों की माफी मांगकर अल्लाह की रजा हासिल करने की कोशिश करता है। यह बातें शिया धर्मगुरु मौलाना कर्रार हुसैन तुराबी, इमामे जमाअत उम्मुल बनीन जाफराबाद जलालपुर ने कही। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इंसान को सब्र, इबादत और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देता है। मौलाना तुराबी ने बताया कि रमजान की 19 तारीख, सन 40 हिजरी को इस्लामी इतिहास की एक दुखद घटना हुई थी। इसी दिन इब्ने मुल्जिम नामक क्रूर व्यक्ति ने जहर से बुझाई हुई तलवार से हजरत अली अलैहिस्सलाम के पवित्र सिर पर हमला कर दिया था। उस समय हजरत अली कूफे की मस्जिद में फज्र की नमाज अदा कर रहे थे। जिससे 21 रमजान को उनकी शहादत हो गई। उन्होंने कहा कि यह घटना इस्लामी इतिहास में बेहद दर्द...
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