नी लक्ष्मीबाई की 168वीं पुण्यतिथि पर अधिवक्ताओं ने गुरुवार छावनी परिषद क्षेत्र (कैंटोंमेंट) में उनकी प्रतिमा स्थल पर 168 दीए जलाए।
वाराणसी, जून 18 -- वाराणसी। रानी लक्ष्मीबाई की 168वीं पुण्यतिथि पर अधिवक्ताओं ने गुरुवार छावनी परिषद क्षेत्र (कैंटोंमेंट) में उनकी प्रतिमा स्थल पर 168 दीए जलाए। आजादी की पहली लड़ाई में उनकी वीरता याद करते हुए उन्हें नमन किया। नित्यानंद राय ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवंबर, 1828 को हुआ। उनका बचपन मणिकर्णिका घाट पर बीता। सन् 1842 में झांसी के राजा गंगाधर राव नेवालकर से उनका विवाह हुआ। ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेजों से लड़ते वक्त वह 18 जून, 1858 को शहीद हो गई थीं। कार्यक्रम में अधिवक्ता विनोद पांडेय भैयाजी, अनूप मिश्र, विजय पांडेय, उदयनाथ शर्मा, रमेश वाधवानी, नवीन चौबे, पंकज उपाध्याय, शैलेंद्र चौबे, आशीष सिंह मौजूद थे। यह भी पढ़ें- रानी लक्ष्मीबाई के अभिलेखों को जिज्ञासा से देखते रहे बच्चे यह भी पढ़ें- रानी ...
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