लखनऊ, जून 11 -- राजधानी में चिह्नित सैकड़ों शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी की प्रक्रिया तेज होते ही अवैध कब्जाधारकों और दशकों से काबिज रसूखदार किराएदारों में हड़कंप मच गया है। जिले में करीब 320 से अधिक शत्रु संपत्तियां चिह्नित हैं। इनमें ज्यादातर शहर के बीचोबीच बेहद प्राइम और वीवीआईपी लोकेशंस पर हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय (सीईपीआई) ने अभी हाल ही में जुग्गौर, काकोरी और मलिहाबाद (सैदपुर) जैसे इलाकों में कई जमीनों की नीलामी की थी। इसके बाद से बाकी संपत्तियों पर काबिज लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इन संपत्तियों से आने वाला किराया नाममात्र है। हजरतगंज, कैसरबाग, अमीनाबाद और चौक जैसे सबसे महंगे व्यापारिक क्षेत्रों में स्थित इन शत्रु संपत्तियों पर काबिज किराएदार हर महीने महज 35 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक का स...