गढ़वा, जनवरी 6 -- कांडी, प्रतिनिधि। प्रखंड के किसान अब नीलगाय के आतंक से छुटकारा मिलने की उम्मीद छोड़ चुके हैं। अब प्रखंड के किसान या तो खेती करना छोड़ चुके हैं या तो खेती का स्वरूप बदल दिए हैं। किसान भोला मेहता, संजय मेहता, सर्जक राज मेहता, श्रीराम पांडेय, सुरेंद्र यादव सहित अन्य किसानों ने बताया कि खेती करना मुश्किल है। कड़कड़ाती ठंड में भी रात दिन एक कर अपनी फसलों की रखवाली करना पड़ रहा है फिर भी नीलगाय आकर फसलों को चट कर जा रहे हैं। अधिसंख्य किसान मचान बनाकर रातों में भी फसलों की रखवाली करने को लाचार हैं। नीलगाय के कारण प्रखंड के हजारों हेक्टेयर उपजाऊ जमीन बंजर व परती पड़ा हुआ है। किसानों ने कहा कि जब हमारे यहां नीलगाय नहीं आते थे तो प्रखंड की एक-एक इंच जमीन पर खेती होती थी, लेकिन आज स्थिति ऐसी हो गई है कि प्रखंड की अधिसंख्य भूमि बंजर पड़ी हु...