सीतामढ़ी, फरवरी 9 -- सीतामढ़ी जिले में नीलगाय अब वन्य जीव नहीं, बल्कि किसानों के लिए चलती-फिरती आपदा बन चुकी है। सब्जी, फल हो या फिर रबी फसलें कुछ भी नीलगायों से सुरक्षित नहीं है। महीनों की मेहनत, बीज, खाद, पानी के बाद तैयार फसल को चंद घंटो में नीलगायाें का झुंड खत्म कर दे रहा है। किसान की लाख कोशिश के बावजूद यह रुक नहीं रहा है। साथ ही नीलगाय का प्रकोप अब रास्ता पर भी देखा जा रहा है। कई बार नीलगाय के अचानक से सड़क पर आ जाने से हादसे हो रहें है। हाल के दिनों में ही बाजपट्टी में नीलगाय को बचाने में बाइक सवार की मौत हो गयी थी। वहीं कई बाइक चालक अचानक से नीलगाय के आने से हादसे के शिकार होकर जख्मी हुए है। रात होते ही नीलगायों के झुंड खेतों में धावा बोल देते हैं। गेहूं, चना, मक्का, सरसों, सब्जियां हर फसल को चट कर जाते है। मजबूर किसान रात-रात भर...
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