रिषिकेष, जुलाई 30 -- श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के पहले दिन नीलकंठ महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। देर रात तक डेढ़ लाख से अधिक शिवभक्तों ने गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र 'बोल बम' के जयकारों से गूंजता रहा। यह भी पढ़ें- Sawan: सावन में ही क्यों की जाती है कांवड़ यात्रा? पौराणिक कहानी से जानें कौन था पहला कांवड़ियाश्रद्धालुओं की उपस्थिति ब्रह्ममुहूर्त से ही नीलकंठ धाम में जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालु ऋषिकेश, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम होते हुए पैदल और वाहनों से मंदिर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने गंगा घाटों पर स्नान कर कांवड़ में गंगाजल भरा और फिर लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। शिवभक्तों की भारी भीड़ के चलते स्वर्गाश्रम क्षे...