संवाददाता, अप्रैल 8 -- उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम वाले नीम करौली बाबा के देश-दुनिया में वैसे तो अनगिनत शिष्य हैं, लेकिन प्रयागराज में 88 वर्ष के एक शिष्य अपनी तरह के अनूठे फॉलोअर हैं। उम्र के इस पड़ाव पर जब बड़े-बुजुर्ग का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है, तब 88 वर्षीय राधेश्याम अस्थाना ना केवल प्रतिदिन पांच से आठ किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं, बल्कि बाबा का संदेश लोगों तक पहुंचाकर सनातन धर्म की मजबूत टीम भी बना चुके हैं। राधेश्याम ने बताया कि उन्हें बाबा का दो बार दर्शन प्राप्त हुआ है। 1970 में एक बार मित्र आलोक शंकर के साथ अल्लापुर स्थित घर में बाबा आए थे, उस समय उनका नाम लक्ष्मण दास था और तब उन्हें उतनी प्रसिद्धि नहीं मिली थी। दूसरी बार नीम करौली बाबा के नाम से मशहूर होने के बाद घर आए थे। बाबा के प्रति समर्पण के पीछे ऐसी घटना ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.