चेन्नई, जुलाई 25 -- द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रवक्ता टी. के. एस. एलंगोवन ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर अपनी पार्टी का रुख दोहराते हुए शुक्रवार को कहा कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला पूरी तरह से कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर दिया जाना चाहिए। एलंगोवन ने कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक के रुख की भी आलोचना की। एलंगोवन ने कहा, ''नीट ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। कक्षा एक से 12वीं तक लगातार अच्छे अंक हासिल करने वाले छात्र मेडिकल सीट पाने से वंचित रह जाते हैं, जबकि महंगे कोचिंग संस्थानों पर भारी रकम खर्च करने वाले छात्रों को प्रवेश मिल जाता है।'' नीट परीक्षा की संरचनात्मक असमानता का उल्लेख करते हुए उन्होंने अरियलूर जिले की छात्रा अनीता का उदाहरण दिया। एलंगोवन ने कहा कि अनीता ने ...