रांची, मई 13 -- रांची, वरीय संवाददाता। नीट परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों को राहत तो मिली है, लेकिन थोड़ी चिंता भी बढ़ गई है। पेपर लीक की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के इस निर्णय को अधिकांश छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों ने सही बताया। लेकिन दोबारा परीक्षा की तैयारी, मानसिक दबाव और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल भी खड़े हो गए हैं। रांची की छात्रा तनीषा दयाल बोली, परीक्षा रद्द नहीं होती तो कटऑफ असामान्य रूप से अधिक चला जाता और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को नुकसान होता। हालांकि दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारी आसान नहीं होगी। अगली परीक्षा में प्रश्नों का स्तर पहले से अधिक कठिन हो सकता है। इसलिए छात्रों पर अतिरिक्त दबाव रहेगा。 यह भी पढ़ें- पैकेज:दोबारा नीट परीक्षा से छात्रों में बढ़ी चिंता छात्रों की चुनौतिय...