नीट परीक्षा निरस्त होने पर मेधावी यशी मायूस
बांदा, मई 13 -- बांदा। शहर के जवाहर नवोदय विद्यालय निवासी आईटीबीपी में तैनात सुरेश सिंह की बेटी यशी सिंह ने बिना कोचिंग व स्कूल में पढ़ाई किए जिले में पहला स्थान हासिल किया। यशी ने बताया कि उन्होंने घर में 12 से 13 घंटे नियमित पढ़ाई की। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई में ज्यादा जोर रहा। दो बहनों में बड़ी यशी की मां नीलू सिंह गृहणी हैं। बेटी को यह मुकाम दिलाने में उनका अहम रोल रहा। यशी ने बताया कि उनकी मां ने पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित किया। पढ़ाई के समय कभी घरेलू किसी कामकाज के लिए नहीं कहा। यशी ने अभी पिछले दिनों ने नीट की परीक्षा दी थी। यह भी पढ़ें- जी-तोड़ मेहनत पर फिरा पानी, टूटी आस, परीक्षा को लेकर असमंजश परीक्षा निरस्त होने पर वह मायूस हैं, पर विश्वास है कि रि-एक्जाम में वह इससे अच्छे नंबर लाएंगी। एम्स का डाक्टर बनकर वह देशवासियों की सेवा क...
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