निष्काम सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है केवट प्रसंग
बलिया, जून 28 -- सुखपुरा, हिन्दुस्तान संवाद। बेरूआरबारी क्षेत्र के भगवान दास मंदिर (करिहरा) में बाबा अमरनाथ सेवा समिति की ओर से विधायक केतकी सिंह के संयोजन में आयोजित श्रीराम कथा के छठवें दिन कथा वाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम विवाह के बाद अयोध्या आगमन, माता कैकेई का वनवास मांगने, भगवान श्रीराम और केवट के प्रेम, सेवा एवं समर्पण की मार्मिक कथा सुनाई।राजनजी ने कहा कि केवट प्रसंग केवल भगवान को गंगा पार कराने की कथा नहीं, बल्कि निष्काम सेवा, समर्पण, प्रेम और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। केवट ने भगवान श्रीराम के चरण धोने का आग्रह इसलिए किया क्योंकि वह प्रभु के चरणों की महिमा से परिचित था। केवट की सरलता, विनम्रता और अटूट श्रद्धा से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने उसे अपना स्नेह प्रदान किया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में न जाति...
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