निष्कपट भाव और गोसेवा से प्रसन्न होते हैं भगवान : गंगोत्री तिवारी मृदुल
मुजफ्फर नगर, जुलाई 1 -- मुजफ्फरनगर शिव नगर स्थित राजवंश इंटर कॉलेज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने श्रद्धालुओं को कर्म और भक्ति का मर्म समझाया।कथा व्यास ने गोसेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गाय के रोम-रोम में तैंतीस कोटि देवताओं का वास होता है। गृहस्थों को पहली रोटी गाय को देनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दूध सबको शुद्ध चाहिए, लेकिन गाय पालने का समय किसी के पास नहीं है। पूतना प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान को कपट पसंद नहीं है। यदि मन में छल भरा है, तो भगवान शिव पर कितना भी जल चढ़ा लो, समस्याओं का हल नहीं होगा। यह भी पढ़ें- निष्कपट भाव और गोसेवा से प्रसन्न होते हैं भगवान : गंगोत्री तिवारी मृदुल मनुष्य को अपने शुभ-अशुभ कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है। कथा के दौरान जब क...
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