नई दिल्ली, मार्च 11 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारत से जमीनी सीमा साझा करने वाले चीन और अन्य देशों की तरफ से विदेशी निवेश अब तेजी से बढ़ने की संभावना है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया का कहना कि एफडीआई नियमों में ढील दिए जाने के बाद भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि निवेश से संबंधित प्रस्तावों को अब तय समय में मंजूरी मिलेगी। बुधवार को सरकार की तरफ से बताया गया कि जिन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा लाभ होगा, उनमें रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट, कैपिटल गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक कैपिटल गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक कुलपुर्जे, पॉलीसिलिकॉन जैसे क्षेत्र शामिल हैं क्योंकि इन क्षेत्रों से जुड़े निवेश प्रस्तावों पर अब 60 दिनों के भीतर फैसला लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.