लखनऊ, फरवरी 18 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि मान्यता निलंबित किये गये मदरसों को सरकारी अनुदान सहायता देने के मामले में कोई समान नीति क्यों नहीं है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवायी 30 मार्च को नियत की है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने एजाज अहमद की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर पारित किया है। याची के अधिवक्ता अशोक पांडेय का कहना था कि सरकार द्वारा मनमर्जी से निलंबित मदरसों को सरकारी अनुदान दिया जा रहा है। यूपी मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार ने राज्य सरकार को अपनी संस्तुति भी भेजी थी कि निलंबित मदरसों को सरकारी अनुदान न दिया जाए लेकिन उस पर आज तक कोई विचार ही नहीं किया गया है। न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा है कि वह अगली सुनवायी से पहले जरूरी कार्यवाह...
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