गोरखपुर, जुलाई 2 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बर्खास्त शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में निलंबित देवरिया की तत्कालीन बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं। ऐसे में इस स्तर पर जमानत दिए जाने का कोई उचित आधार नहीं बनता। विशेष लोक अभियोजक घनश्याम त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि वादिनी गुड़िया सिंह के पति की नियुक्ति एक जुलाई 2016 को देवरिया के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। वर्ष 2023 में उनकी समेत तीन शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी। इसके खिलाफ शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।...