सीवान, मार्च 30 -- सीवान। मध्य-पूर्व और वैश्विक स्तर पर गहराते युद्ध के बादलों ने अब जिले के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में नजर आ रही है। लेकिन यदि तनाव लंबा खिंचा तो जिले की अर्थव्यवस्था से लेकर आम जनजीवन तक इसका गहरा असर पड़ना तय है। गौर करने वाली बात है कि जिले से होने वाले सीमित निर्यात पर अभी कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिला है। स्थानीय बाजारों में भी वस्तुओं की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कारोबारियों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित हैं। तब तक महंगाई काबू में रहेगी। लेकिन, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दामों में उछाल आया तो माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। जिले के छोटे और...
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