नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर बढ़ाए जाने के बाद फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (फियो) ने निर्यात ऋण की अवधि बढ़ाने की मांग की है। फियो का कहना है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए निर्यातकों के लिए प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट ऋण की अवधि 270 दिन से बढ़ाकर 450 दिन की जानी चाहिए। फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दबाव और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए रेपो दर में बढ़ोतरी को समझा जा सकता है। इससे कर्ज महंगा होगा और निर्यातकों, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। यह भी पढ़ें- संतुलित सख्ती आगे भी जारी रहेगी : आरबीआई निर्यातक इस समय बेहद अनिश्चित वैश्विक माहौल में काम कर रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ा...