गाजियाबाद, अगस्त 18 -- दिल्ली से सटे गाजियाबाद और लोनी के नालों का पानी शोधित कर हिंडन नदी और यमुना को प्रदूषण से बचाने की कवायद अब नए सिरे से शुरू होगी। उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए योजना तैयार कराएगी। नई डीपीआर करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये की बनेगी। यमुना में गिर रहे नालों को बंद करने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर जल निगम ने करीब 4400 करोड़ रुपये की दो डीपीआर बनाई थीं। लोनी के तीन नालों और गाजियाबाद के सात नालों के लिए अलग-अलग डीपीआर बनी थी। गाजियाबाद के नाले हिंडन में गिरते हैं, जो आगे जाकर यमुना में ही मिल जाती है। नमामि गंगे ने परियोजना की अधिक लागत होने से डीपीआर लौटा दी। यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में हिंडन नदी पर बने पुल की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी, GDA ने बताई इसकी वजहदोनों डीपीआर नए सिरे से बनाई जाएंगी अधिकारियों के मुताबिक, नालों को टैप ...